स्थिरता से विकास की ओर? पड़ोसी अख़बार की चेतावनी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के ऐलान के बीच Dawn का संपादकीय कहता है कि खपत और निर्माण के भरोसे वाला विकास फिर उसी संकट में ले जाएगा।
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ऐलान किया है कि पाकिस्तान अब संकट संभालने के दौर से आगे बढ़ कर रोज़गार और निर्यात वाले विकास की तरफ़ जाएगा। वे बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार, बाहर से आने वाली कमाई, IT निर्यात और लौटते निवेश को गिनाते हैं।
Dawn पूछता है कि ये असली बदलाव है या सिर्फ़ ऐलान। अख़बार की दलील है कि टैक्स की दीवारों और सब्सिडी के सहारे पले उद्योग कभी मुक़ाबले के लायक़ नहीं बने।
पाकिस्तान बार-बार संकट में इसलिए लौटता है कि खपत और निर्माण पर टिका विकास उतनी विदेशी मुद्रा नहीं कमाता जितनी ज़रूरत है। संपादकीय के मुताबिक़ आर्थिक स्थिरता विकास की रुकावट नहीं, उसकी पहली शर्त है।
रास्ता गहरे सुधारों से होकर जाता है: शासन, मुक़ाबला, उत्पादकता, ऊर्जा और लोगों की पढ़ाई-सेहत में निवेश। निर्यात करने वाले कारख़ाने, आधुनिक खेती और छोटे उद्योग ही टिकाऊ विकास की नींव हैं।
ये सार देशकाल का अपना लेखन है। मूल लेख के सारे अधिकार Dawn के पास हैं।